It is difficult to know what is right in all cases. - M.B., I.210.29

Mil Jaan Se Kabhi


मिल जान से कभी,
जब हो किसी का इंतज़ार ,
कभी-कभी बहाना अच्छा लगता है,
जब ये दिल माने ना,


हम प्यार में कहीं
भूल न जाए रास्ता,
बिना कोई गरज़ के चलना रहता है,
कोई ना जाने, जाने ना,


ये समा जाए तो फिर आ सके ना,
कहाँ ये जाए? किसे बुलाये दिल?


कल बात हो नयी,
साथ रहे ये पल का,
नया-नया नज़राना अच्छा लगता है,
रुका कहीं ये जाए ना,


है कहाँ? ये सवाल आये-जाए,
सभी ये राहे, हमे बुलाएं,

मिल पाते है नहीं,
देर से आये है यहाँ,
यहाँ बेगाना फिर भी अपना लगता है,
चाहे कोई भी माने ना...




0 comments:

Post a Comment