It is difficult to know what is right in all cases. - M.B., I.210.29

Tum Ho Wahi

ये है ख्यालों में, यादों में, बातों में
गुम हो कहीं, तुम हो वही,
प्यार से जिसके ये नाम है आया,
तुम हो वही, गुम हो कहीं...

हर ज़माने में आते रहेंगे ये,
क्यूँ इन्कार करे?
प्यार के साहिल राह बताते है क्या?

जैसे गुज़रते है वैसे बदलते है,
दिन हो या रात मिले,
ऐसे बहाने से सारा जहां बदला था,

नीले गगन के तले
हमने भी तारे गिने,
अच्छा जो समझा, किये,
हर एक चाहत को...
रस्तों में चलके,
कहीं से गुज़र के,
कहीं पे संभल के,
ऐसे कहीं, वैसे कहीं...

नेक इरादों में, सच्चे ये वादों में
तुम हो कहीं, गुम हो कहीं,
बाहों में भर लाये सारे इशारे हैं
चल के कहीं, चल कर यहीं...

आज का आलम है-
मांगे तो हमको ये सारा संसार मिले,
जाने क्या चाहे वो? हम ने तो चाहा यही,
साथ गुज़र जाए हर एक लम्हा भी,
ऐसा दिलदार मिले,
प्यार की बस्ती में ऐसे भी रस्ते यहाँ...

नीले गगन के तले
हमको सहारे मिले,
कहीं नज़ारे खिले,
कई ठिकाने है...

एक हो ज़माने में, क्या बुरा है पाने में?
ये समझ के जाएँ तो, देर न हो जाने में...

चाँदनी रातों में, शबनमी राहो में गुम हो कहीं, तुम हो वही...




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